02/02/2026 – आज का विषय – भारत का संविधान – भाग 6 – राज्य – अनुच्छेद (174)

संविधान ही जीवन है
जय संविधान


LIVE संविधान संरक्षक संघ पाठशाला
🙏द्वारा संचालित🙏
🇮🇳 संविधान संरक्षक संघ 🇮🇳


*भारत का संविधान* की लाइव चर्चा में *हम भारत के लोगों का*

🙏स्वागत है🙏

02/02/2026 दिन – शनिवार
08:00pm

स्थाई लिंक
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आस्थाई लिंक
meet.google.com/guf-qrka-nhb
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इस पाठशाला का मुख्य उद्देश्य भारत के नागरिकों की संवैधानिक समझ को विकसित करना है।

आइए इस मुहिम का हिस्सा बनकर इसे सफल बनाएं।

🧭पाठशाला शुरू होने का समय🧭
शाम 8:00 से 8:20 बजे तक संविधान की उद्देशिका और संविधान में दिये गये नागरिकों के मौलिक कर्तव्य संकल्प पत्र के रूप में पाठन करके समझना
8:20 से 9:00 बजे तक संबन्धित अनुच्छेद पर चर्चा
9:00 से 9:30 बजे तक चर्चा किए गये अनुच्छेद पर प्रश्न उत्तरी
9:30 से 9:55 तक आईपीसी की धारा की चर्चा
10:00 राष्ट्रीय संविधान गीत के साथ पाठशाला का समापन।
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                आज का विषय
             भारत का संविधान
                  भाग (6)
                     राज्य

                  अध्याय 3—-

          राज्य का विधान-मंडल
                    साधारण

             अनुच्छेद (174)

राज्य के विधान-मंडल के सत्र, सत्रावसान और विघटन—
(1) राज्यपाल, समय-समय पर, राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर, जो वह ठीक समझे, अधिवेशन के लिए आहूत करेगा, किंतु उसके एक सत्र की अंतिम बैठक और आगामी सत्र की प्रथम बैठक के लिए नियत तारीख के बीच छह मास का अंतर नहीं होगा ।

(2) राज्यपाल, समय-समय पर,–

(क) सदन का या किसी सदन का सत्रावसान कर सकेगा;

(ख) विधान सभा का विघटन कर सकेगा ।]
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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023
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               अध्याय (12)
पुलिस को इत्तिला और उनकी अन्वेषण करने की शक्तियां

                         धारा(195)

             व्यक्तियों को बुलाने की शक्ति

(1) धारा 194 के तहत कार्यवाही करने वाला एक पुलिस अधिकारी, लिखित आदेश द्वारा, उक्त जांच के प्रयोजन के लिए दो या दो से अधिक व्यक्तियों को बुला सकता है, और किसी अन्य व्यक्ति को जो मामले के तथ्यों से परिचित प्रतीत होता है और इस प्रकार बुलाया गया प्रत्येक व्यक्ति उपस्थित होने और उन प्रश्नों के अलावा सभी प्रश्नों का सही उत्तर देने के लिए बाध्य होगा जिनके उत्तर में उस पर आपराधिक आरोप या जुर्माना या ज़ब्ती करने की प्रवृत्ति हो सकती है:बशर्ते कि पन्द्रह वर्ष से कम आयु या साठ वर्ष से अधिक आयु के किसी भी पुरुष या महिला या मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति या गंभीर बीमारी वाले व्यक्ति को उस स्थान के अलावा किसी अन्य स्थान पर उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी जहां ऐसा व्यक्ति रहता है। , जब तक कि ऐसा व्यक्ति पुलिस स्टेशन या ऐसे पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर किसी अन्य स्थान पर उपस्थित होने और जवाब देने के लिए इच्छुक न हो।

(2) यदि तथ्य किसी संज्ञेय अपराध का खुलासा नहीं करते हैं जिस पर धारा 190 लागू होती है, तो ऐसे व्यक्तियों को पुलिस अधिकारी द्वारा मजिस्ट्रेट की अदालत में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।

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हमारा अभियान , हर घर संविधान
🇮🇳🙏 जय संविधान 🙏🇮🇳

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